‘नदी’ शब्दस्य षष्ठीएकवचने रूपमस्ति–
समान आकार के चार बर्तन दूध और पानी के मिश्रण से भरे हैं। चारों बर्तनों में दूध की मात्रा क्रमश: 80%, 75%, 60% और 50% है। यदि सभी चारों मिश्रणों को मिला दिया जाए, तो प्राप्त मिश्रण में पानी और दूध का अनुपात क्या होगा?
Select the figure from the options that can replace the question marks (?) and complete the given pattern. विकल्पों में से उस आकृति का चयन करें जो प्रश्न चिह्न का स्थान लेकर दिए गए पैटर्न को पूरा कर सकती है।
निर्देश : नीचे दिए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 325से 333) के सही/सबसे उचित उत्तर वाले विकल्प को चुनिए। उत्तर भारत के संत कवि कबीर और दक्षिण भारत के संत कवि तिरुवल्लुवर के समय में लगभग दो हजार वर्ष का अंतराल है किंतु इन दोनों महाकवियों के जीवन में अद्भभुत साम्य पाया जाता है। दोनों के माता-पिता ने जन्म देकर इन्हें त्याग दिया था, दोनों का लालन-पालन निस्संतान ने बड़े स्नेह और जतन से किया था। व्यवसाय से दोनों जुलाहे थे। दोनों ने सात्विक गृहस्थ जीवन की साधना की थी। तिरुवल्लुवर का प्रामाणिक जीवन-वृत्तांत प्राप्त नहीं होता। प्राय: उन्हें चेन्नई के निकट मइलापुर गाँव का जुलाहा माना जाता है किंतु कुछ लोगों के अनुसार वे राजा एल्लाल के शासन में एक बड़े पदाधिकारी थे और उन्हें वैसा ही सम्मान प्राप्त था जैसा चंद्रगुप्त के शासनकाल में चाणक्य को। उनके बारे में अनेक दंतकथाएँ प्रचलित हैं। जैसे कहा जाता है कि एक संन्यासी नारी जाति से घृणा करता था। उसका विश्वास था कि स्त्रियाँ बुराई की जड़ हैं और उनके साथ ईश्वर-भक्ति हो ही नहीं सकती। तिरुवल्लुवर ने बड़े आदर से उसे अपने घर बुलाया। दो दिन उनके परिवार में रहकर सन्यासी के विचार ही बदल गए। उसने कहा, ‘यदि तिरूवल्लुवर और उनकी पत्नी जैसी जोड़ी हो तो गृहस्थ जीवन ही श्रेष्ठ है।’’ कबीर के दोहों की भाँति तिरुवल्लुवर ने भी छोटे छंद में कविता रची जिसे ‘कुरल’ कहा जाता है। कुरलों का संग्रह उनका एकमात्र ग्रंथ है ‘तिरुवल्लुवर’। तिरुवल्लुरल को तमिल भाषा का वेद माना जाता है। इसका प्रत्येक कुरल एक सूक्ति है और सूक्तियाँ सभी धर्मों का सार है। संपूर्ण मानवजाति को शुभ के लिए प्रेरित करना ही इसका उद्देश्य प्रतीत होता है। जैसे धर्म के बारे में दो कुरलो का आशय है : ⦁ भद्र पुरूषों! पवित्र मानव होना ही धर्म है। स्वच्छ मन वाले बनो और देखो तुम उन्नति के शिखर पर कहाँ-से-कहाँ पहुँच जाते हो। ⦁ झूठ न बोलने के गुण को ग्रहण करो तो किसी अन्य धर्म की आवश्यकता ही न रहेगी।किसी धर्म की आवश्यकता कब नहीं रह जाती ?
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`मिश्रबन्धु विनोद' नामक हिन्दी साहित्य के इतिहास लेखकों के नाम हैं
यू.पी. से शुरू होने वाला सबसे लम्बा राष्ट्रीय राजमार्ग है:
The lateral development of a cylinder is of __________ shape. बेलन का पाश्र्षिकपाश्र्विक विकास –––– आकार का होता हैं
किस नेता की 9 फुट ऊंची प्रतिमा का अनावरण 1 मई 2025 को नई दिल्ली में किया गया?
Find the wrong number in the series given below : नीचे दी गई शृंखला में गलत संख्या ज्ञात कीजिए : 3, 8, 13, 21, 31, 43
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