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Q: माता-पिता से संतति में पहुँचने वाले लक्षणों की प्रक्रिया को कहते हैं
  • A. रूपान्तरण
  • B. जीन
  • C. आनुवंशिकता
  • D. उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option C - माता-पिता से संतति में लक्षणों के पहुँचने की प्रक्रिया आनुवंशिकता कहलाती है। • वे लक्षण जो जीवधारियों में पीढ़ी-दर-पीढ़ी संचरित होता है, आनुवंशिक लक्षण कहलाता है, तथा इससे संबंधित विधियों और कारणों के अध्ययन को आनुवंशिकी कहते हैं। आनुवंशिकता का तात्पर्य DNA से है। DNA में गुणसूत्र होते हैं जो किसी जीव की आनुवंशिक सामग्री को ले जाते हैं। यह प्रक्रिया एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक गुणों को सुरक्षित रखती है।
C. माता-पिता से संतति में लक्षणों के पहुँचने की प्रक्रिया आनुवंशिकता कहलाती है। • वे लक्षण जो जीवधारियों में पीढ़ी-दर-पीढ़ी संचरित होता है, आनुवंशिक लक्षण कहलाता है, तथा इससे संबंधित विधियों और कारणों के अध्ययन को आनुवंशिकी कहते हैं। आनुवंशिकता का तात्पर्य DNA से है। DNA में गुणसूत्र होते हैं जो किसी जीव की आनुवंशिक सामग्री को ले जाते हैं। यह प्रक्रिया एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक गुणों को सुरक्षित रखती है।

Explanations:

माता-पिता से संतति में लक्षणों के पहुँचने की प्रक्रिया आनुवंशिकता कहलाती है। • वे लक्षण जो जीवधारियों में पीढ़ी-दर-पीढ़ी संचरित होता है, आनुवंशिक लक्षण कहलाता है, तथा इससे संबंधित विधियों और कारणों के अध्ययन को आनुवंशिकी कहते हैं। आनुवंशिकता का तात्पर्य DNA से है। DNA में गुणसूत्र होते हैं जो किसी जीव की आनुवंशिक सामग्री को ले जाते हैं। यह प्रक्रिया एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक गुणों को सुरक्षित रखती है।