Correct Answer:
Option B - वैध मुद्रा (लीगल टेंडर) एक सिक्का या बैंक नोट है, जो कानूनी रूप से ऋण या दायित्व के लिए निविया योग्य है। अन्य शब्दों में वैद्य मुद्रा वह मुद्रा है, जो कोई ऋणदाता अपने दावों को निपटाने में स्वीकार करने के लिए बाध्य होता है। सिक्का अधिनियम, 2011 की धारा 6 के तहत सरकार द्वारा जारी किए गए सिक्के भुगतान या खाते में वैध मुद्रा होंगे, बशर्ते वह सिक्का विकृत न हो और वजन में कम न हो। एक रुपये से कम के किसी भी मूल्य वर्ग का सिक्का एक हजार रुपये से अधिक की किसी भी राशि के लिए वैध मुद्रा नहीं होगा। पचास पैसे का सिक्का किसी भी राशि के लिए वैध मुद्रा होगा जो दस रुपये अधिक नहीं हो। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी प्रत्येक बैंक नोट(ì 2, ì 5, ì 10, ì 20, ì 50, ì 100, ì 200, ì 500 और ì 2000) जब तक संचलन से वापस नहीं लिया जाता है किसी भी स्थान पर वैध मुद्रा होगी। भारत सरकार द्वारा जारी ì 1 का नोट भी वैध मुद्रा है।
B. वैध मुद्रा (लीगल टेंडर) एक सिक्का या बैंक नोट है, जो कानूनी रूप से ऋण या दायित्व के लिए निविया योग्य है। अन्य शब्दों में वैद्य मुद्रा वह मुद्रा है, जो कोई ऋणदाता अपने दावों को निपटाने में स्वीकार करने के लिए बाध्य होता है। सिक्का अधिनियम, 2011 की धारा 6 के तहत सरकार द्वारा जारी किए गए सिक्के भुगतान या खाते में वैध मुद्रा होंगे, बशर्ते वह सिक्का विकृत न हो और वजन में कम न हो। एक रुपये से कम के किसी भी मूल्य वर्ग का सिक्का एक हजार रुपये से अधिक की किसी भी राशि के लिए वैध मुद्रा नहीं होगा। पचास पैसे का सिक्का किसी भी राशि के लिए वैध मुद्रा होगा जो दस रुपये अधिक नहीं हो। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी प्रत्येक बैंक नोट(ì 2, ì 5, ì 10, ì 20, ì 50, ì 100, ì 200, ì 500 और ì 2000) जब तक संचलन से वापस नहीं लिया जाता है किसी भी स्थान पर वैध मुद्रा होगी। भारत सरकार द्वारा जारी ì 1 का नोट भी वैध मुद्रा है।