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Q: मिश्रित अर्थव्यवस्था क्या होती है?
  • A. पारंपरिक और आधुनिक उद्योगों का सह-अस्तित्व
  • B. घरेलू और विदेशी निवेशों की उपस्थिति
  • C. संसाधन आवंटन, वाणिज्य और व्यापार की एक बाजार प्रणाली, जिसमें सरकारी हस्तक्षेप से मुक्त बाजार सह-अस्तित्व में होते हैं।
  • D. निर्वाह और व्यावसायिक कृषि की उपस्थिति
Correct Answer: Option C - मिश्रित अर्थव्यवस्था के अन्तर्गत सार्वजनिक तथा निजी क्षेत्र दोनों का सहअस्तित्व होता है। जहां सार्वजनिक क्षेत्र द्वारा नियोजन की क्रिया अपनाई जाती है वहीं निजी क्षेत्र द्वारा उपभोक्ता के अधिमान को ध्यान में रखकर उत्पादन किया जाता है। मिश्रित अर्थव्यवस्था में सम्पूर्ण अर्थव्यवस्था का नियंत्रण एवं संचालन सरकार द्वारा सामाजिक कल्याण के उद्देश्य को ध्यान में रखकर किया जाता है। सरकार व्यक्तिगत क्षेत्र का विभिन्न नीतियों द्वारा नियमन करके समाज में व्यक्ति द्वारा व्यक्ति के शोषण की सम्भावना को समाप्त करती है। साथ ही सरकार सामाजिक कल्याण की दृष्टि से अनेक आर्थिक, औद्योगिक, वित्तीय नीतियों का निर्धारण करती है।
C. मिश्रित अर्थव्यवस्था के अन्तर्गत सार्वजनिक तथा निजी क्षेत्र दोनों का सहअस्तित्व होता है। जहां सार्वजनिक क्षेत्र द्वारा नियोजन की क्रिया अपनाई जाती है वहीं निजी क्षेत्र द्वारा उपभोक्ता के अधिमान को ध्यान में रखकर उत्पादन किया जाता है। मिश्रित अर्थव्यवस्था में सम्पूर्ण अर्थव्यवस्था का नियंत्रण एवं संचालन सरकार द्वारा सामाजिक कल्याण के उद्देश्य को ध्यान में रखकर किया जाता है। सरकार व्यक्तिगत क्षेत्र का विभिन्न नीतियों द्वारा नियमन करके समाज में व्यक्ति द्वारा व्यक्ति के शोषण की सम्भावना को समाप्त करती है। साथ ही सरकार सामाजिक कल्याण की दृष्टि से अनेक आर्थिक, औद्योगिक, वित्तीय नीतियों का निर्धारण करती है।

Explanations:

मिश्रित अर्थव्यवस्था के अन्तर्गत सार्वजनिक तथा निजी क्षेत्र दोनों का सहअस्तित्व होता है। जहां सार्वजनिक क्षेत्र द्वारा नियोजन की क्रिया अपनाई जाती है वहीं निजी क्षेत्र द्वारा उपभोक्ता के अधिमान को ध्यान में रखकर उत्पादन किया जाता है। मिश्रित अर्थव्यवस्था में सम्पूर्ण अर्थव्यवस्था का नियंत्रण एवं संचालन सरकार द्वारा सामाजिक कल्याण के उद्देश्य को ध्यान में रखकर किया जाता है। सरकार व्यक्तिगत क्षेत्र का विभिन्न नीतियों द्वारा नियमन करके समाज में व्यक्ति द्वारा व्यक्ति के शोषण की सम्भावना को समाप्त करती है। साथ ही सरकार सामाजिक कल्याण की दृष्टि से अनेक आर्थिक, औद्योगिक, वित्तीय नीतियों का निर्धारण करती है।