Correct Answer:
Option A - उपर्युक्त पंक्ति के सृजेता ‘धर्मवीर भारती’ तथा कृति का नाम ‘अंधा युग’ है। प्रस्तुत पंक्तियाँ धर्मवीर भारती के ‘अंधायुग’ गीति नाट्य से ली गयी है। अंधायुग धर्मवीर भारती द्वारा रचित हिंदी काव्य नाटक है। इस गीतिनाट्य का प्रकाशन सन् 1955 ई. में हुआ था। ‘अंधा युग’ का कथानक महाभारत युद्ध के अंतिम दिन पर आधारित है। इसमें युद्ध और उसके बाद की समस्याओं और मानवीय महत्वाकांक्षा को प्रस्तुत किया गया है।
A. उपर्युक्त पंक्ति के सृजेता ‘धर्मवीर भारती’ तथा कृति का नाम ‘अंधा युग’ है। प्रस्तुत पंक्तियाँ धर्मवीर भारती के ‘अंधायुग’ गीति नाट्य से ली गयी है। अंधायुग धर्मवीर भारती द्वारा रचित हिंदी काव्य नाटक है। इस गीतिनाट्य का प्रकाशन सन् 1955 ई. में हुआ था। ‘अंधा युग’ का कथानक महाभारत युद्ध के अंतिम दिन पर आधारित है। इसमें युद्ध और उसके बाद की समस्याओं और मानवीय महत्वाकांक्षा को प्रस्तुत किया गया है।