Correct Answer:
Option B - मौर्य वंश का संस्थापक चन्द्रगुप्त मौर्य था, जो 322 ईसा पूर्व में मगध की राजगद्दी पर बैठा। वह जैन धर्म का अनुयायी था। इसने 305 ईसा पूर्व में सिकन्दर के सेनापति सेल्यूकस निकेटर को हराया। चन्द्रगुप्त मौर्य का साम्राज्य उत्तर-पश्चिम में ईरान (फारस) से लेकर पूर्व में बंगाल तक, उत्तर में कश्मीर से लेकर दक्षिण में उत्तरी कर्नाटक तक फैला हुआ था। बंगाल पर चन्द्रगुप्त मौर्य की विजय के बारे में जानकारी महास्थान अभिलेख से मिलती है। इसकी दक्षिण भारत के विजय के विषय में जानकारी तमिल ग्रंथ ‘अहनानुरु’ एवं ‘पुरनानुरु’ तथा अशोक के अभिलेख से मिलती है।
B. मौर्य वंश का संस्थापक चन्द्रगुप्त मौर्य था, जो 322 ईसा पूर्व में मगध की राजगद्दी पर बैठा। वह जैन धर्म का अनुयायी था। इसने 305 ईसा पूर्व में सिकन्दर के सेनापति सेल्यूकस निकेटर को हराया। चन्द्रगुप्त मौर्य का साम्राज्य उत्तर-पश्चिम में ईरान (फारस) से लेकर पूर्व में बंगाल तक, उत्तर में कश्मीर से लेकर दक्षिण में उत्तरी कर्नाटक तक फैला हुआ था। बंगाल पर चन्द्रगुप्त मौर्य की विजय के बारे में जानकारी महास्थान अभिलेख से मिलती है। इसकी दक्षिण भारत के विजय के विषय में जानकारी तमिल ग्रंथ ‘अहनानुरु’ एवं ‘पुरनानुरु’ तथा अशोक के अभिलेख से मिलती है।