Correct Answer:
Option D - मूत्र वृक्क में परानिस्पंदन तथा पुनरावशोषण की क्रिया के फलस्वरूप बनता है। सामान्य मूत्र में 95% जल, 2% लवण, 2.7% यूरिया तथा शेष अन्य अपशिष्ट पदार्थ होते है। इनका पीला रंग यूरोक्रोम के कारण होता है, जो हिमोग्लोबिन के अपघटन के कारण बनता है। सामान्य मूत्र हल्का (Ph = 6.00) अम्लीय होता है। साधारण मनुष्य 24 घंटे में 100-1800 ml मूत्र का निर्माण करता है।
D. मूत्र वृक्क में परानिस्पंदन तथा पुनरावशोषण की क्रिया के फलस्वरूप बनता है। सामान्य मूत्र में 95% जल, 2% लवण, 2.7% यूरिया तथा शेष अन्य अपशिष्ट पदार्थ होते है। इनका पीला रंग यूरोक्रोम के कारण होता है, जो हिमोग्लोबिन के अपघटन के कारण बनता है। सामान्य मूत्र हल्का (Ph = 6.00) अम्लीय होता है। साधारण मनुष्य 24 घंटे में 100-1800 ml मूत्र का निर्माण करता है।