Correct Answer:
Option B - मनु और कौटिल्य दोनों ने राज्य के सप्तांग स्वरूप पर चर्चा की हैं। मनु के अनुसार राज्य समाज की रक्षा एवं कल्याण करता है। सप्तांग सिंद्धांत में राज्य के अंगो की चर्चा मनु द्वारा की गई है, जिनमें स्वमी (राजा), अमात्य, जनपद, पुर (दुर्ग) कोष, दण्ड (सेना) और मित्र शामिल है। इसमें पुरोहित का उल्लेख नहीं मिलता है।
B. मनु और कौटिल्य दोनों ने राज्य के सप्तांग स्वरूप पर चर्चा की हैं। मनु के अनुसार राज्य समाज की रक्षा एवं कल्याण करता है। सप्तांग सिंद्धांत में राज्य के अंगो की चर्चा मनु द्वारा की गई है, जिनमें स्वमी (राजा), अमात्य, जनपद, पुर (दुर्ग) कोष, दण्ड (सेना) और मित्र शामिल है। इसमें पुरोहित का उल्लेख नहीं मिलता है।