Correct Answer:
Option A - स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी 1929 ई. में कुमाऊँ के भ्रमण के दौरान अल्मोड़ा होते हुए कौसानी जाने के दौरान कुछ देर चनौदा में रूके थे। उनके साथ सहयोगी प्रसिद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शांति लाल त्रिवेदी भी थे। गांधी जी ने इस स्थान पर एकत्र हुए लोगों से विदेशी कपड़े त्यागकर स्वयं के बनाए कपड़े पहनने का आह्वान किया था। महात्मा गांधी की प्रेरणा से ही शांति लाल त्रिवेदी ने वर्ष 1937 में यहाँ आकर गांधी आश्रम की स्थापना की। इसके लिए ग्रामीणों ने 30 नाली भूमि दान में भी दी।
A. स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी 1929 ई. में कुमाऊँ के भ्रमण के दौरान अल्मोड़ा होते हुए कौसानी जाने के दौरान कुछ देर चनौदा में रूके थे। उनके साथ सहयोगी प्रसिद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शांति लाल त्रिवेदी भी थे। गांधी जी ने इस स्थान पर एकत्र हुए लोगों से विदेशी कपड़े त्यागकर स्वयं के बनाए कपड़े पहनने का आह्वान किया था। महात्मा गांधी की प्रेरणा से ही शांति लाल त्रिवेदी ने वर्ष 1937 में यहाँ आकर गांधी आश्रम की स्थापना की। इसके लिए ग्रामीणों ने 30 नाली भूमि दान में भी दी।