Correct Answer:
Option B - मुक्तेश्वर में बैक्ट्रीयोलॉजिकल प्रयोगशाला की स्थापना का श्रेय डा. एल्फेड लिंगार्ड को दिया जाता है।
रॉबर्ट कोच सूक्ष्मजैविकी के क्षेत्र में युगपुरूष माने जाते हैं। इन्होंने कॉलेरा, ऐन्थ्रेक्स तथा क्षय रोगों पर गहन अध्ययन किया। इसके लिए सन् 1905 में इन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
B. मुक्तेश्वर में बैक्ट्रीयोलॉजिकल प्रयोगशाला की स्थापना का श्रेय डा. एल्फेड लिंगार्ड को दिया जाता है।
रॉबर्ट कोच सूक्ष्मजैविकी के क्षेत्र में युगपुरूष माने जाते हैं। इन्होंने कॉलेरा, ऐन्थ्रेक्स तथा क्षय रोगों पर गहन अध्ययन किया। इसके लिए सन् 1905 में इन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।