Correct Answer:
Option B - बिहार में बांगर या नवीन जलोढ़क मिट्टी का सर्वाधिक विस्तार पूर्णिया और सहरसा जिले के कोशी क्षेत्र में है। मुजफ्फरपुर, दरभंगा तथा चंपारण के उत्तरी-पश्चिमी भाग में जाकर संकीर्ण होती हुई नवीन जलोढ़ मिट्टी की पट्टी समाप्त हो गयी है। यह मिट्टी सामान्यत: चूना रहित एवं क्षार रहित है। इसका रंग गाढ़ा भूरा या काला है। इसमें काफी उर्वरा शक्ति पाई जाती है जिसमें सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था होने पर धान, जूट और गेहूँ की अच्छी फसल प्राप्त की जा सकती है।
B. बिहार में बांगर या नवीन जलोढ़क मिट्टी का सर्वाधिक विस्तार पूर्णिया और सहरसा जिले के कोशी क्षेत्र में है। मुजफ्फरपुर, दरभंगा तथा चंपारण के उत्तरी-पश्चिमी भाग में जाकर संकीर्ण होती हुई नवीन जलोढ़ मिट्टी की पट्टी समाप्त हो गयी है। यह मिट्टी सामान्यत: चूना रहित एवं क्षार रहित है। इसका रंग गाढ़ा भूरा या काला है। इसमें काफी उर्वरा शक्ति पाई जाती है जिसमें सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था होने पर धान, जूट और गेहूँ की अच्छी फसल प्राप्त की जा सकती है।