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Q: माइटोकॉन्ड्रिया के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
  • A. माइटोकॉन्ड्रिया किसी झिल्ली से बंधा नहीं होता है।
  • B. माइटोकॉन्ड्रिया केवल जीवाणु में मौजूद होता है।
  • C. बाहरी झिल्ली के बिना माइटोकॉन्ड्रिया को माइटोप्लास्ट कहा जाता है।
  • D. माइटोकॉन्ड्रिया सभी जीवित कोशिकाओं में मौजूद होता है।
Correct Answer: Option C - सूत्रकणिका (माइट्रोकाण्ड्रिया) यूकैरियोटिक कोशिकाओं में पायी जाने वाली तश्तरीनुमा बेलनाकार आकृति होती है। सूत्रकणिका एक दोहरी झिल्ली युक्त (double membrane layer)संरचना होती है जिसकी वाह्य झिल्ली व भीतरी झिल्ली इसकी अवकाशिका को दो स्पष्ट जलीय कक्षों, वाह्य कक्ष व भीतरी कक्ष में विभाजित करती है। माइट्रोकाण्ड्रियॉ प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में पूर्णतया अनुपस्थित होती है। जीवाणुओं में माइट्रोकाण्ड्रिया अनुपस्थित होती है, क्योंकि जीवाणु मोनेरा के सदस्य है, जो एककोशकीय प्रोकैरियोटिक होते है। माइट्रोकाण्ड्रिया के केवल बाहरी झिल्ली (Outermembrane) को हटा देने पर जो संरचना दिखाई पड़ती है, उसे माइटोप्लास्ट कहते है। माइट्रोकाण्ड्रिया सभी जीवित कोशिकाओं में नहीं पायी जाती है।
C. सूत्रकणिका (माइट्रोकाण्ड्रिया) यूकैरियोटिक कोशिकाओं में पायी जाने वाली तश्तरीनुमा बेलनाकार आकृति होती है। सूत्रकणिका एक दोहरी झिल्ली युक्त (double membrane layer)संरचना होती है जिसकी वाह्य झिल्ली व भीतरी झिल्ली इसकी अवकाशिका को दो स्पष्ट जलीय कक्षों, वाह्य कक्ष व भीतरी कक्ष में विभाजित करती है। माइट्रोकाण्ड्रियॉ प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में पूर्णतया अनुपस्थित होती है। जीवाणुओं में माइट्रोकाण्ड्रिया अनुपस्थित होती है, क्योंकि जीवाणु मोनेरा के सदस्य है, जो एककोशकीय प्रोकैरियोटिक होते है। माइट्रोकाण्ड्रिया के केवल बाहरी झिल्ली (Outermembrane) को हटा देने पर जो संरचना दिखाई पड़ती है, उसे माइटोप्लास्ट कहते है। माइट्रोकाण्ड्रिया सभी जीवित कोशिकाओं में नहीं पायी जाती है।

Explanations:

सूत्रकणिका (माइट्रोकाण्ड्रिया) यूकैरियोटिक कोशिकाओं में पायी जाने वाली तश्तरीनुमा बेलनाकार आकृति होती है। सूत्रकणिका एक दोहरी झिल्ली युक्त (double membrane layer)संरचना होती है जिसकी वाह्य झिल्ली व भीतरी झिल्ली इसकी अवकाशिका को दो स्पष्ट जलीय कक्षों, वाह्य कक्ष व भीतरी कक्ष में विभाजित करती है। माइट्रोकाण्ड्रियॉ प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में पूर्णतया अनुपस्थित होती है। जीवाणुओं में माइट्रोकाण्ड्रिया अनुपस्थित होती है, क्योंकि जीवाणु मोनेरा के सदस्य है, जो एककोशकीय प्रोकैरियोटिक होते है। माइट्रोकाण्ड्रिया के केवल बाहरी झिल्ली (Outermembrane) को हटा देने पर जो संरचना दिखाई पड़ती है, उसे माइटोप्लास्ट कहते है। माइट्रोकाण्ड्रिया सभी जीवित कोशिकाओं में नहीं पायी जाती है।