Correct Answer:
Option B - लेखांकन की एकल प्रविष्टि पद्धति में किसी लेन-देन से केवल एक ही खाता प्रभावित होता है। केवल एक ही खाते के मूल्य में कमी या आधिक्य होता है। इसमें प्राय: कर भुगतान, नकद, व्यक्तिगत खाते, प्राप्तियाँ तथा कुछ अन्य खातों को अनुरक्षण किया जाता है।
B. लेखांकन की एकल प्रविष्टि पद्धति में किसी लेन-देन से केवल एक ही खाता प्रभावित होता है। केवल एक ही खाते के मूल्य में कमी या आधिक्य होता है। इसमें प्राय: कर भुगतान, नकद, व्यक्तिगत खाते, प्राप्तियाँ तथा कुछ अन्य खातों को अनुरक्षण किया जाता है।