Correct Answer:
Option C - गाँधी जी ने व्यक्ति एवं राज्य के मध्य व्यक्ति को महत्ता प्रदान किया तथा राज्य की आलोचना किया गाँधी जी के अनुसार राज्य एक शोषण की संस्था है अत: व्यक्तिगत स्वतंत्रता के लिए इसको समाप्त करना आवश्यक है। इसलिए गाँधी जी को दार्शनिक अराजकतावादी चिंतक माना जाता है। वर्तमान राज्य के विकल्प में उन्होंने ‘राम राज्य’ की संकल्पना किया। उनके राजनीतिक विचार धारा पर टालस्टाय का विशेष प्रभाव था।
C. गाँधी जी ने व्यक्ति एवं राज्य के मध्य व्यक्ति को महत्ता प्रदान किया तथा राज्य की आलोचना किया गाँधी जी के अनुसार राज्य एक शोषण की संस्था है अत: व्यक्तिगत स्वतंत्रता के लिए इसको समाप्त करना आवश्यक है। इसलिए गाँधी जी को दार्शनिक अराजकतावादी चिंतक माना जाता है। वर्तमान राज्य के विकल्प में उन्होंने ‘राम राज्य’ की संकल्पना किया। उनके राजनीतिक विचार धारा पर टालस्टाय का विशेष प्रभाव था।