Correct Answer:
Option C - डाटों (Arch) की आकृति किसी निश्चित ज्यामितीय वक्र की होती है, और उसी के अनुसार डाट के अध:स्तल की बनावट रखी जाती है।
डाट निर्माण के दो चरण होते है–
1. डाट के लिए ढूला बनाना (Centering for arch)
2. डाट रिंग का निर्माण (Construction of arch ring)
बालू बक्सा विधि का प्रयोग डाट के केन्द्र को निर्धारित करने में किया जाता है।
C. डाटों (Arch) की आकृति किसी निश्चित ज्यामितीय वक्र की होती है, और उसी के अनुसार डाट के अध:स्तल की बनावट रखी जाती है।
डाट निर्माण के दो चरण होते है–
1. डाट के लिए ढूला बनाना (Centering for arch)
2. डाट रिंग का निर्माण (Construction of arch ring)
बालू बक्सा विधि का प्रयोग डाट के केन्द्र को निर्धारित करने में किया जाता है।