Correct Answer:
Option B - ‘महापुराण’ आदिकालीन ग्रंथ है इसके रचनाकार पुष्पदन्त हैं। इनकी अन्य रचनाएँ हैं- तिरसठी महापुरिस गुणालंकार, णयकुमार चरिउ, जसहर चरिउ। ‘तिरसठी महापुरिस गुणालंकार’ को ही महापुराण कहा जाता है। पुष्पदंत को हिन्दी का भवभूति कहा जाता है। शिविंसह सेंगर ने पुष्पदंत को ‘भाखा की जड़’ कहा है तथा हिन्दी का प्रथम कवि स्वीकार किया है।
B. ‘महापुराण’ आदिकालीन ग्रंथ है इसके रचनाकार पुष्पदन्त हैं। इनकी अन्य रचनाएँ हैं- तिरसठी महापुरिस गुणालंकार, णयकुमार चरिउ, जसहर चरिउ। ‘तिरसठी महापुरिस गुणालंकार’ को ही महापुराण कहा जाता है। पुष्पदंत को हिन्दी का भवभूति कहा जाता है। शिविंसह सेंगर ने पुष्पदंत को ‘भाखा की जड़’ कहा है तथा हिन्दी का प्रथम कवि स्वीकार किया है।