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Q: मुहम्मद बिन तुगलक द्वारा अपनी सांकेतिक मुद्रा में किस धातु का प्रयोग कराया गया था?
  • A. सोना
  • B. चांदी
  • C. तांबा
  • D. जस्ता
Correct Answer: Option C - मुहम्मद बिन तुगलक दिल्ली सल्तनत का पहला सुल्तान था जिसने 1330 ई. में सांकेतिक मुद्रा का प्रचलन कराया था। उसने सांकेतिक मुद्रा का मूल्य चाँदी के टंका के समतुल्य रखा था। बरनी तथा अधिकांश आधुनिक इतिहासकार सांकेतिक मुद्रा को ताँबे की मुद्रा मानते हैं। सांकेतिक मुद्रा का अर्थ है- चांदी के टंके के स्थान पर कांसे के टंके का प्रचलन। कांसे के टंके का मूल्य चांदी के टंके के समतुल्य रखा गया। आधुनिक इतिहासकारों के अनुसार अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में चांदी के अभाव के कारण इसका मूल्य बढ़ गया जिससे लोगों ने इसका भण्डारण शुरू कर दिया।
C. मुहम्मद बिन तुगलक दिल्ली सल्तनत का पहला सुल्तान था जिसने 1330 ई. में सांकेतिक मुद्रा का प्रचलन कराया था। उसने सांकेतिक मुद्रा का मूल्य चाँदी के टंका के समतुल्य रखा था। बरनी तथा अधिकांश आधुनिक इतिहासकार सांकेतिक मुद्रा को ताँबे की मुद्रा मानते हैं। सांकेतिक मुद्रा का अर्थ है- चांदी के टंके के स्थान पर कांसे के टंके का प्रचलन। कांसे के टंके का मूल्य चांदी के टंके के समतुल्य रखा गया। आधुनिक इतिहासकारों के अनुसार अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में चांदी के अभाव के कारण इसका मूल्य बढ़ गया जिससे लोगों ने इसका भण्डारण शुरू कर दिया।

Explanations:

मुहम्मद बिन तुगलक दिल्ली सल्तनत का पहला सुल्तान था जिसने 1330 ई. में सांकेतिक मुद्रा का प्रचलन कराया था। उसने सांकेतिक मुद्रा का मूल्य चाँदी के टंका के समतुल्य रखा था। बरनी तथा अधिकांश आधुनिक इतिहासकार सांकेतिक मुद्रा को ताँबे की मुद्रा मानते हैं। सांकेतिक मुद्रा का अर्थ है- चांदी के टंके के स्थान पर कांसे के टंके का प्रचलन। कांसे के टंके का मूल्य चांदी के टंके के समतुल्य रखा गया। आधुनिक इतिहासकारों के अनुसार अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में चांदी के अभाव के कारण इसका मूल्य बढ़ गया जिससे लोगों ने इसका भण्डारण शुरू कर दिया।