search
Q: मेघदूतम् कीदृशम् काव्यम्?
  • A. महाकाव्यम्
  • B. खण्डकाव्यम्
  • C. दृश्यकाव्यम्
  • D. आदिकाव्यम्
Correct Answer: Option B - मेघदूत कालिदास द्वारा रचित एक खण्ड काव्य है। इसमें यक्ष-यक्षिणी की कथा दी गई है। उनके वियोग का सजीव एवं मार्मिक चित्रण किया गया है। जबकि किरातार्जुनीयम् महाकाव्य की श्रेणी में आता है जो कि भारवि द्वारा प्रणीत है। खण्डकाव्य में भी ‘मेघदूतम्’ के दो खण्ड हैं- (1) पूर्वमेघ (2) उत्तर मेघ इसी तरह रामायण आदि ग्रन्थों को आदिकाव्य के अन्तर्गत रखा जाता है।
B. मेघदूत कालिदास द्वारा रचित एक खण्ड काव्य है। इसमें यक्ष-यक्षिणी की कथा दी गई है। उनके वियोग का सजीव एवं मार्मिक चित्रण किया गया है। जबकि किरातार्जुनीयम् महाकाव्य की श्रेणी में आता है जो कि भारवि द्वारा प्रणीत है। खण्डकाव्य में भी ‘मेघदूतम्’ के दो खण्ड हैं- (1) पूर्वमेघ (2) उत्तर मेघ इसी तरह रामायण आदि ग्रन्थों को आदिकाव्य के अन्तर्गत रखा जाता है।

Explanations:

मेघदूत कालिदास द्वारा रचित एक खण्ड काव्य है। इसमें यक्ष-यक्षिणी की कथा दी गई है। उनके वियोग का सजीव एवं मार्मिक चित्रण किया गया है। जबकि किरातार्जुनीयम् महाकाव्य की श्रेणी में आता है जो कि भारवि द्वारा प्रणीत है। खण्डकाव्य में भी ‘मेघदूतम्’ के दो खण्ड हैं- (1) पूर्वमेघ (2) उत्तर मेघ इसी तरह रामायण आदि ग्रन्थों को आदिकाव्य के अन्तर्गत रखा जाता है।