Correct Answer:
Option D - मेघदूत के प्रथम श्लोक में वर्ष भोग्येण शब्द आया है। यहाँ पर `न' का ण कुमति च सूत्र से हुआ है। `वर्ष भोग्य' की व्युत्पत्ति है–वर्षंम भोग्य:, यहाँ वर्षभ्' में `कालाध्वनोरत्यन्तसंयोगे’ से द्वितीया विभक्ति है तथा `अत्यन्त संयोग च' से द्वितीयान्त पद `वर्षम्' का भोग्येन के साथ समास हुआ है।
D. मेघदूत के प्रथम श्लोक में वर्ष भोग्येण शब्द आया है। यहाँ पर `न' का ण कुमति च सूत्र से हुआ है। `वर्ष भोग्य' की व्युत्पत्ति है–वर्षंम भोग्य:, यहाँ वर्षभ्' में `कालाध्वनोरत्यन्तसंयोगे’ से द्वितीया विभक्ति है तथा `अत्यन्त संयोग च' से द्वितीयान्त पद `वर्षम्' का भोग्येन के साथ समास हुआ है।