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Q: ‘माघे सन्ति त्रयो गुणा:’ के अनुसार माघ कवि में समाविष्ट तीनों गुण क्रमश: किन तीन कवियों में हैं
  • A. कालिदास, भारवि, दण्डी
  • B. कालिदास, श्रीहर्ष, दण्डी
  • C. कालिदास, भास, दण्डी
  • D. भारवि, भास, कालिदास
Correct Answer: Option A - व्याख्या : ‘माघे सन्ति त्रयो: गुणा:’ के अनुसार माघ कवि में कालिदास, भारवि, दण्डी, तीनों कवियों के गुण समाविष्ट हैं। इसमें प्रसाद, माधुर्य और ओज गुणों का संतुलित सामंजस्य है। माघ के बारे में कही गयी उक्ति है- उपमा कालिदासस्य भारवे अर्थगौरवं दण्डिना पदलालित्यम्। माघे सन्ति त्रयो: गुण:।।
A. व्याख्या : ‘माघे सन्ति त्रयो: गुणा:’ के अनुसार माघ कवि में कालिदास, भारवि, दण्डी, तीनों कवियों के गुण समाविष्ट हैं। इसमें प्रसाद, माधुर्य और ओज गुणों का संतुलित सामंजस्य है। माघ के बारे में कही गयी उक्ति है- उपमा कालिदासस्य भारवे अर्थगौरवं दण्डिना पदलालित्यम्। माघे सन्ति त्रयो: गुण:।।

Explanations:

व्याख्या : ‘माघे सन्ति त्रयो: गुणा:’ के अनुसार माघ कवि में कालिदास, भारवि, दण्डी, तीनों कवियों के गुण समाविष्ट हैं। इसमें प्रसाद, माधुर्य और ओज गुणों का संतुलित सामंजस्य है। माघ के बारे में कही गयी उक्ति है- उपमा कालिदासस्य भारवे अर्थगौरवं दण्डिना पदलालित्यम्। माघे सन्ति त्रयो: गुण:।।