Explanations:
शाहजहां का काल मुगल वास्तुकला का स्वर्ण युग माना जाता है। शाहजहां कालीन वास्तुकला का चरमोत्कर्ष आगरे मे यमुना नदी के तट पर निर्मित उसकी प्रिय पत्नी मुमताज महल का मकबरा है। इसका मुख्य स्थापत्यकार उस्ताद अहमद लाहौरी था, जिसे शाहजहां ने नादिर-उल-असर की उपाधि दी थी। इसका प्रधान मिस्त्री या निर्माता उस्ताद ईसा खाँ था।