Correct Answer:
Option B - शाह आलम द्वितीय (1759 ई.- 1806 ई.) इसका नाम अली गौहर था। इसी के समय में पानीपत का तृतीय युद्ध (1761 ई.) तथा बक्सर का युद्ध (1764 ई.) हुआ। बक्सर युद्ध के पश्चात दोनों पक्षों के मध्य अगस्त 1765 ई. में इलाहाबाद की संधि हुई, जिसमें निम्नलिखित शर्ते थी–
अवध के नवाब शुजाउदौला ने अगे्रजों को 50 लाख रुपये देना स्वीकार किया।
कड़ा एवं इलाहाबाद के जिले मुगल बादशाह को दे दिये गये।
शाह आलम ने अपने फरमान द्वारा ईस्ट इण्डिया कम्पनी को बंगाल, बिहार तथा उड़ीसा की दिवानी स्थाई रूप से दी तथा बदले में कम्पनी सम्राट को 26 लाख रुपये देगी।
B. शाह आलम द्वितीय (1759 ई.- 1806 ई.) इसका नाम अली गौहर था। इसी के समय में पानीपत का तृतीय युद्ध (1761 ई.) तथा बक्सर का युद्ध (1764 ई.) हुआ। बक्सर युद्ध के पश्चात दोनों पक्षों के मध्य अगस्त 1765 ई. में इलाहाबाद की संधि हुई, जिसमें निम्नलिखित शर्ते थी–
अवध के नवाब शुजाउदौला ने अगे्रजों को 50 लाख रुपये देना स्वीकार किया।
कड़ा एवं इलाहाबाद के जिले मुगल बादशाह को दे दिये गये।
शाह आलम ने अपने फरमान द्वारा ईस्ट इण्डिया कम्पनी को बंगाल, बिहार तथा उड़ीसा की दिवानी स्थाई रूप से दी तथा बदले में कम्पनी सम्राट को 26 लाख रुपये देगी।