Correct Answer:
Option C - ‘मैं पात्र से जल पीता हूँ इत्यस्य वाक्यस्य संस्कृतेन कर्मवाच्ये रूपं भवति-
मया पात्रेण जलं पीयते। यह कर्मवाच्य का वाक्य है। इसका कर्तृवाच्य होगा- ‘अहम् पात्रेण जलं पिबामि।’ कर्मवाच्य - इसमें कर्म मुख्य होता है। कर्म के अनुसार ही क्रिया के पुरुष, वचन, लिंग होंगे। कर्मवाच्य के कर्ता में तृतीया विभक्ति, कर्म में प्रथमा विभक्ति, क्रिया कर्म के अनुसार होगा।
C. ‘मैं पात्र से जल पीता हूँ इत्यस्य वाक्यस्य संस्कृतेन कर्मवाच्ये रूपं भवति-
मया पात्रेण जलं पीयते। यह कर्मवाच्य का वाक्य है। इसका कर्तृवाच्य होगा- ‘अहम् पात्रेण जलं पिबामि।’ कर्मवाच्य - इसमें कर्म मुख्य होता है। कर्म के अनुसार ही क्रिया के पुरुष, वचन, लिंग होंगे। कर्मवाच्य के कर्ता में तृतीया विभक्ति, कर्म में प्रथमा विभक्ति, क्रिया कर्म के अनुसार होगा।