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Q: माँ के शुचि उपकारों का, जीवन में अन्त नहीं है। निस्वार्थ साधना पथ पर, माँ जैसा सन्त नहीं है। उपर्युक्त काव्य-पंक्तियों में मुख्य रूप से कौन-सा अलंकार लक्षित हो रहा है?
  • A. विभावना
  • B. विशेषोक्ति
  • C. प्रतीप
  • D. अनन्वय
Correct Answer: Option C - उपमेय से उपमान की हीनता का वर्णन होने पर प्रतीप अलंकार होता है। उदाहरणार्थ उपमेय माँ के शुचि उपकारों का से उपमान नि:स्वार्थ साधना की हीनता का वर्णन है। अतएव यहाँ पर प्रतीप अलंकार है।
C. उपमेय से उपमान की हीनता का वर्णन होने पर प्रतीप अलंकार होता है। उदाहरणार्थ उपमेय माँ के शुचि उपकारों का से उपमान नि:स्वार्थ साधना की हीनता का वर्णन है। अतएव यहाँ पर प्रतीप अलंकार है।

Explanations:

उपमेय से उपमान की हीनता का वर्णन होने पर प्रतीप अलंकार होता है। उदाहरणार्थ उपमेय माँ के शुचि उपकारों का से उपमान नि:स्वार्थ साधना की हीनता का वर्णन है। अतएव यहाँ पर प्रतीप अलंकार है।