Correct Answer:
Option B - सौन्दर्य या लालित्य के आश्रय से व्यक्त होने वाली कलाएं ललित कला (Fine Art) कहलाती है। अर्थात् वह कला जिसके अभिव्यंजन से सुकुमारता और सौन्दर्य की अपेक्षा हो और जिसकी सृष्टि मुख्यत: मनोविनोद के लिए हो। जैसे–गीत, संगीत नृत्य, नाट्य तथा विभिन्न प्रकार की चित्रकला। ललित कला का तर्कसंगत वर्गीकरण हेगल ने किया था।
B. सौन्दर्य या लालित्य के आश्रय से व्यक्त होने वाली कलाएं ललित कला (Fine Art) कहलाती है। अर्थात् वह कला जिसके अभिव्यंजन से सुकुमारता और सौन्दर्य की अपेक्षा हो और जिसकी सृष्टि मुख्यत: मनोविनोद के लिए हो। जैसे–गीत, संगीत नृत्य, नाट्य तथा विभिन्न प्रकार की चित्रकला। ललित कला का तर्कसंगत वर्गीकरण हेगल ने किया था।