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Q: लोकतंत्र की अवधारणा में इतनी अधिक अस्पष्टता के लिए किसको मूल कारण माना जाता है?
  • A. प्राचीन वंशावली
  • B. विवादित उद्भव
  • C. सार्वभौमिक श्लाघा
  • D. उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option D - लोकतंत्र एक बहुआयामी अवधारणा है। लोकतंत्र की परिभाषा सरकार के उस स्वरूप से जुड़ी है, जिसमें लोगों की शक्ति का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस्तेमाल किया जाता है। लोकतंत्र की अवधारणा में अस्पष्टता इसके विवादित उद्भव अथवा सार्वभौमिकता के कारण देखने की मिलती है। लोकतंत्र की अवधारणा का उद्भव प्राचीन यूनान तथा भारत के प्राचीन गणतंत्रों में दो हजार वर्ष से भी अधिक पहले से देखने को मिलता है। वर्तमान में लोकतंत्र के विभिन्न स्वरूप विद्वानों के मध्य चर्चा का विषय है।
D. लोकतंत्र एक बहुआयामी अवधारणा है। लोकतंत्र की परिभाषा सरकार के उस स्वरूप से जुड़ी है, जिसमें लोगों की शक्ति का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस्तेमाल किया जाता है। लोकतंत्र की अवधारणा में अस्पष्टता इसके विवादित उद्भव अथवा सार्वभौमिकता के कारण देखने की मिलती है। लोकतंत्र की अवधारणा का उद्भव प्राचीन यूनान तथा भारत के प्राचीन गणतंत्रों में दो हजार वर्ष से भी अधिक पहले से देखने को मिलता है। वर्तमान में लोकतंत्र के विभिन्न स्वरूप विद्वानों के मध्य चर्चा का विषय है।

Explanations:

लोकतंत्र एक बहुआयामी अवधारणा है। लोकतंत्र की परिभाषा सरकार के उस स्वरूप से जुड़ी है, जिसमें लोगों की शक्ति का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस्तेमाल किया जाता है। लोकतंत्र की अवधारणा में अस्पष्टता इसके विवादित उद्भव अथवा सार्वभौमिकता के कारण देखने की मिलती है। लोकतंत्र की अवधारणा का उद्भव प्राचीन यूनान तथा भारत के प्राचीन गणतंत्रों में दो हजार वर्ष से भी अधिक पहले से देखने को मिलता है। वर्तमान में लोकतंत्र के विभिन्न स्वरूप विद्वानों के मध्य चर्चा का विषय है।