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Q: लैक्टोस इंटॉलरेंस क्या है?
  • A. ऐसी स्थिति जहाँ छोटी आंतड़ियां, दूध उत्पादों में मौजूद चीनी को तोड़ नहीं पाती है
  • B. ग्लूटन के प्रति विपरीत प्रतिक्रियाएं इसकी विशेषता होती है
  • C. ऐसी स्थिति जहाँ फ्रक्टोस रक्त में पूरी तरह से सोख नहीं लिया जाता है
  • D. ऐसी स्थिति जहाँ, छोटी आंतडि़यां, ग्लूटन को तोड़ नहीं पाती है
Correct Answer: Option A - ऐसी स्थिति जहाँ छोटी आंतडि़या दूध उत्पादों में मौजूद चीनी को तोड़ नहीं पाती, लैक्टोस इंटॉलरेंस कहते हैं। दूध का लैक्टोज जब छोटी आंत में पहुंचता है तो वहाँ से स्रावित लैक्टेज एंजाइम से लैक्टोज ग्लूकोज और गैलेक्टोज में टूट जाता है, जिससे दूध आसानी से पचता है। वही जब शरीर में लेक्टेज एंजाइम की कमी होती है तो लैक्टोज टूट नहीं पाता और दूध पचने में कठिनाई होती है।
A. ऐसी स्थिति जहाँ छोटी आंतडि़या दूध उत्पादों में मौजूद चीनी को तोड़ नहीं पाती, लैक्टोस इंटॉलरेंस कहते हैं। दूध का लैक्टोज जब छोटी आंत में पहुंचता है तो वहाँ से स्रावित लैक्टेज एंजाइम से लैक्टोज ग्लूकोज और गैलेक्टोज में टूट जाता है, जिससे दूध आसानी से पचता है। वही जब शरीर में लेक्टेज एंजाइम की कमी होती है तो लैक्टोज टूट नहीं पाता और दूध पचने में कठिनाई होती है।

Explanations:

ऐसी स्थिति जहाँ छोटी आंतडि़या दूध उत्पादों में मौजूद चीनी को तोड़ नहीं पाती, लैक्टोस इंटॉलरेंस कहते हैं। दूध का लैक्टोज जब छोटी आंत में पहुंचता है तो वहाँ से स्रावित लैक्टेज एंजाइम से लैक्टोज ग्लूकोज और गैलेक्टोज में टूट जाता है, जिससे दूध आसानी से पचता है। वही जब शरीर में लेक्टेज एंजाइम की कमी होती है तो लैक्टोज टूट नहीं पाता और दूध पचने में कठिनाई होती है।