Correct Answer:
Option A - ऐसी स्थिति जहाँ छोटी आंतडि़या दूध उत्पादों में मौजूद चीनी को तोड़ नहीं पाती, लैक्टोस इंटॉलरेंस कहते हैं। दूध का लैक्टोज जब छोटी आंत में पहुंचता है तो वहाँ से स्रावित लैक्टेज एंजाइम से लैक्टोज ग्लूकोज और गैलेक्टोज में टूट जाता है, जिससे दूध आसानी से पचता है। वही जब शरीर में लेक्टेज एंजाइम की कमी होती है तो लैक्टोज टूट नहीं पाता और दूध पचने में कठिनाई होती है।
A. ऐसी स्थिति जहाँ छोटी आंतडि़या दूध उत्पादों में मौजूद चीनी को तोड़ नहीं पाती, लैक्टोस इंटॉलरेंस कहते हैं। दूध का लैक्टोज जब छोटी आंत में पहुंचता है तो वहाँ से स्रावित लैक्टेज एंजाइम से लैक्टोज ग्लूकोज और गैलेक्टोज में टूट जाता है, जिससे दूध आसानी से पचता है। वही जब शरीर में लेक्टेज एंजाइम की कमी होती है तो लैक्टोज टूट नहीं पाता और दूध पचने में कठिनाई होती है।