Correct Answer:
Option A - लोकसभा में सदस्यों द्वारा निजी/गैर-सरकारी विधेयक पेश करने की सूचना अवधि एक माह होती है, जबकि सदस्यों को सरकारी विधेयक पेश करने की सूचना अवधि सात दिन होती है।
यदि एक कार्यकारिणी मंत्री द्वारा एक बिल पेश किया जाता है तो उसे सरकारी बिल या सार्वजनिक बिल कहा जाता है और यदि किसी मंत्री से इतर संसद के अन्य सदस्य द्वारा बिल (विधेयक) पेश किया जाता है, तो इसे निजी विधेयक या गैर-सरकारी विधेयक कहा जाता है।
A. लोकसभा में सदस्यों द्वारा निजी/गैर-सरकारी विधेयक पेश करने की सूचना अवधि एक माह होती है, जबकि सदस्यों को सरकारी विधेयक पेश करने की सूचना अवधि सात दिन होती है।
यदि एक कार्यकारिणी मंत्री द्वारा एक बिल पेश किया जाता है तो उसे सरकारी बिल या सार्वजनिक बिल कहा जाता है और यदि किसी मंत्री से इतर संसद के अन्य सदस्य द्वारा बिल (विधेयक) पेश किया जाता है, तो इसे निजी विधेयक या गैर-सरकारी विधेयक कहा जाता है।