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Q: Life threatening condition due to rapid loss of blood or body fluids is known as _____. रक्त या शरीर के तरल पदार्थों के तेजी से नुकसान के कारण जीवन के लिए खतरा होने वाली स्थिति को ..... के रूप में जाना जाता है।
  • A. Hypovolemic shock /हाइपोवॉल्मिक शॉक
  • B. Neurogenic shock /न्यूरोजेनिक शॉक
  • C. Anaphylactic shock /ऐनाफैलैक्टिक शॉक
  • D. Septic shock /पूतिदूषित शॉक
Correct Answer: Option A - Hypovolemic shock:- हाइपोवॉल्मिक शॉक शरीर में रक्त एवं तरल पदार्थों की कमी के कारण होता है। जब अंगों और ऊतकों तक रक्त और ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा नहीं जा पाती तो इसकी समस्या हो जाती है। इसकी वजह से रक्तचाप बहुत कम हो जाता है। Neurogenic shock:- न्यूरोजेनिक शॉक आमतौर पर रीढ़ की हड्डी की चोट के बाद दिखाई देती है जो जीवन को खतरे में डाल सकती है। Septic shock:- यह खून में वैक्टीरिया के फैलने और विषाक्त पदार्थो के कारण होता है। इसके सामान्य कारण है निमोनिया, मूत्रपथ में संक्रमण, त्वचा संक्रमण।
A. Hypovolemic shock:- हाइपोवॉल्मिक शॉक शरीर में रक्त एवं तरल पदार्थों की कमी के कारण होता है। जब अंगों और ऊतकों तक रक्त और ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा नहीं जा पाती तो इसकी समस्या हो जाती है। इसकी वजह से रक्तचाप बहुत कम हो जाता है। Neurogenic shock:- न्यूरोजेनिक शॉक आमतौर पर रीढ़ की हड्डी की चोट के बाद दिखाई देती है जो जीवन को खतरे में डाल सकती है। Septic shock:- यह खून में वैक्टीरिया के फैलने और विषाक्त पदार्थो के कारण होता है। इसके सामान्य कारण है निमोनिया, मूत्रपथ में संक्रमण, त्वचा संक्रमण।

Explanations:

Hypovolemic shock:- हाइपोवॉल्मिक शॉक शरीर में रक्त एवं तरल पदार्थों की कमी के कारण होता है। जब अंगों और ऊतकों तक रक्त और ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा नहीं जा पाती तो इसकी समस्या हो जाती है। इसकी वजह से रक्तचाप बहुत कम हो जाता है। Neurogenic shock:- न्यूरोजेनिक शॉक आमतौर पर रीढ़ की हड्डी की चोट के बाद दिखाई देती है जो जीवन को खतरे में डाल सकती है। Septic shock:- यह खून में वैक्टीरिया के फैलने और विषाक्त पदार्थो के कारण होता है। इसके सामान्य कारण है निमोनिया, मूत्रपथ में संक्रमण, त्वचा संक्रमण।