search
Q: ‘लघुमानव की धारणा’-किसकी प्रवृत्तिगत विशेषता है
  • A. नई कविता
  • B. दलित-विमर्श
  • C. प्रगतिवाद
  • D. छायावाद
Correct Answer: Option A - ‘लघुमानव की धारणा’-नई कविता की प्रवृत्तिगत विशेषता है। नयी कविता आन्दोलन का आरम्भ इलाहाबाद की साहित्यिक संस्था परिमल के कवि जगदीश गुप्त, राम स्वरूप चतुर्वेदी और विजयदेव नारायण शाही के संपादन में 1954 ई. में प्रकाशित नयी कविता (पत्रिका) से माना जाता है।
A. ‘लघुमानव की धारणा’-नई कविता की प्रवृत्तिगत विशेषता है। नयी कविता आन्दोलन का आरम्भ इलाहाबाद की साहित्यिक संस्था परिमल के कवि जगदीश गुप्त, राम स्वरूप चतुर्वेदी और विजयदेव नारायण शाही के संपादन में 1954 ई. में प्रकाशित नयी कविता (पत्रिका) से माना जाता है।

Explanations:

‘लघुमानव की धारणा’-नई कविता की प्रवृत्तिगत विशेषता है। नयी कविता आन्दोलन का आरम्भ इलाहाबाद की साहित्यिक संस्था परिमल के कवि जगदीश गुप्त, राम स्वरूप चतुर्वेदी और विजयदेव नारायण शाही के संपादन में 1954 ई. में प्रकाशित नयी कविता (पत्रिका) से माना जाता है।