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Q: ‘लब्धापि दु:खेन परिपाल्यते’ किसका कथन है?
  • A. शुकनाश का
  • B. चन्द्रापीड का
  • C. तारापीड का
  • D. विलासवती का
Correct Answer: Option A - ‘लब्धापि दु:खेन परिपाल्यते’ कथन शुकनाश का है। यह सूक्ति बाणभट्ट द्वारा रचित कादम्बरी के ‘शुकनाशोपदेश से ली गयी है। इस सूक्ति का अर्थ है, (लक्ष्मी) प्राप्त होने पर भी अति कठिनाई से रक्षित होती है।
A. ‘लब्धापि दु:खेन परिपाल्यते’ कथन शुकनाश का है। यह सूक्ति बाणभट्ट द्वारा रचित कादम्बरी के ‘शुकनाशोपदेश से ली गयी है। इस सूक्ति का अर्थ है, (लक्ष्मी) प्राप्त होने पर भी अति कठिनाई से रक्षित होती है।

Explanations:

‘लब्धापि दु:खेन परिपाल्यते’ कथन शुकनाश का है। यह सूक्ति बाणभट्ट द्वारा रचित कादम्बरी के ‘शुकनाशोपदेश से ली गयी है। इस सूक्ति का अर्थ है, (लक्ष्मी) प्राप्त होने पर भी अति कठिनाई से रक्षित होती है।