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Q: लुब्रीकेशन का उद्देश्य होता है–
  • A. घर्षण कम करना
  • B. जंग से बचना
  • C. रगड़ के कारण उत्पन्न आवाज कम करना
  • D. ये सभी
Correct Answer: Option D - स्नेहन का उद्देश्य घर्षण को कम करना, जंग से बचाना, रगड़ के कारण उत्पन्न आवाज कम करना आदि होता है। स्नेहन– जब सम्पर्क में आने वाली सतहें एक दूसरे के सापेक्ष गति करते हैं, तो सतहों के बीच घर्षण होने के कारण गतिज ऊर्जा ऊष्मा में बदलती है। इनके परिणामों में से एक घिसावट होती है अत: इस घिसावट को कम करने हेतु सम्पर्क में आने वाली उन सतहों के बीच स्नेहक का प्रयोग किया जाता है, इसी प्रक्रिया को स्नेहन कहा जाता है।
D. स्नेहन का उद्देश्य घर्षण को कम करना, जंग से बचाना, रगड़ के कारण उत्पन्न आवाज कम करना आदि होता है। स्नेहन– जब सम्पर्क में आने वाली सतहें एक दूसरे के सापेक्ष गति करते हैं, तो सतहों के बीच घर्षण होने के कारण गतिज ऊर्जा ऊष्मा में बदलती है। इनके परिणामों में से एक घिसावट होती है अत: इस घिसावट को कम करने हेतु सम्पर्क में आने वाली उन सतहों के बीच स्नेहक का प्रयोग किया जाता है, इसी प्रक्रिया को स्नेहन कहा जाता है।

Explanations:

स्नेहन का उद्देश्य घर्षण को कम करना, जंग से बचाना, रगड़ के कारण उत्पन्न आवाज कम करना आदि होता है। स्नेहन– जब सम्पर्क में आने वाली सतहें एक दूसरे के सापेक्ष गति करते हैं, तो सतहों के बीच घर्षण होने के कारण गतिज ऊर्जा ऊष्मा में बदलती है। इनके परिणामों में से एक घिसावट होती है अत: इस घिसावट को कम करने हेतु सम्पर्क में आने वाली उन सतहों के बीच स्नेहक का प्रयोग किया जाता है, इसी प्रक्रिया को स्नेहन कहा जाता है।