Correct Answer:
Option D - 20º उत्तरी अक्षांश को तापीय भूमध्यरेखा कहा जाता है। धरातल पर प्राप्त होने वाली सूर्यातप की मात्रा भूमध्यरेखा से ध्रुवों की ओर घटती जाती है क्योंकि सौर्यिक किरणें ध्रुवों की ओर अत्यधिक तिरछी होती जाती हैं अत: वायु का तापमान भी भूमध्यरेखा से ध्रुवों की ओर कम होता जाता है। सूर्य की किरणें वर्ष भर भूमध्यरेखा पर लम्बवत चमकती है परन्तु अधिकतम तापमान 20º उत्तरी अक्षांश पर जुलाई के महीने में अंकित किया जाता है।
महत्वपूर्ण तथ्य– विभिन्न सतहों का एल्बिडो –हिम आवरण (70 से 90%), गहरे बादल (70 से 80%), रेत (20 से 30%), शुष्क भूमि (15 से 25%), घास (14 से 37%), वन (5 से 10%), काली मिट्टी (8 से 14%)।
D. 20º उत्तरी अक्षांश को तापीय भूमध्यरेखा कहा जाता है। धरातल पर प्राप्त होने वाली सूर्यातप की मात्रा भूमध्यरेखा से ध्रुवों की ओर घटती जाती है क्योंकि सौर्यिक किरणें ध्रुवों की ओर अत्यधिक तिरछी होती जाती हैं अत: वायु का तापमान भी भूमध्यरेखा से ध्रुवों की ओर कम होता जाता है। सूर्य की किरणें वर्ष भर भूमध्यरेखा पर लम्बवत चमकती है परन्तु अधिकतम तापमान 20º उत्तरी अक्षांश पर जुलाई के महीने में अंकित किया जाता है।
महत्वपूर्ण तथ्य– विभिन्न सतहों का एल्बिडो –हिम आवरण (70 से 90%), गहरे बादल (70 से 80%), रेत (20 से 30%), शुष्क भूमि (15 से 25%), घास (14 से 37%), वन (5 से 10%), काली मिट्टी (8 से 14%)।