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Q: Lac operon in E. Coli was first described by:
  • A. Robertson
  • B. Watson & Crick
  • C. Jacob & Monod
  • D. Crains & Taylor
Correct Answer: Option C - Escherichia coli नामक मनुष्य की आंत में पाया जाने वाला जीवाणु सामान्यत: ग्लूकोज के अपचयन से उर्जा प्राप्त करता है। जैकब एवम् मोनोड (Jacob and Monad) ने 1961 में पता लगाया कि E.Coli के DNA में तीनों जीनों का एक समूह लैक्टोज का अपचयन करने वाले तीन इन्जाइम के संश्लेषण से सम्बन्धित होता है जब पोषण माध्यम में लैक्टोज होता है तभी ये जीन सक्रीय होते है। पोषण माध्यम में लैक्टोज की अनुपस्थिति में ये निष्क्रिय रहते है। जैकब और मोनोड ने इस जीन्स की सक्रियता के नियमन के लिए ओपेरान संकल्पना (operan Concept) प्रस्तुत की। इसके लिए सन् 1965 में नोबेल पुरस्कार दिया गया।
C. Escherichia coli नामक मनुष्य की आंत में पाया जाने वाला जीवाणु सामान्यत: ग्लूकोज के अपचयन से उर्जा प्राप्त करता है। जैकब एवम् मोनोड (Jacob and Monad) ने 1961 में पता लगाया कि E.Coli के DNA में तीनों जीनों का एक समूह लैक्टोज का अपचयन करने वाले तीन इन्जाइम के संश्लेषण से सम्बन्धित होता है जब पोषण माध्यम में लैक्टोज होता है तभी ये जीन सक्रीय होते है। पोषण माध्यम में लैक्टोज की अनुपस्थिति में ये निष्क्रिय रहते है। जैकब और मोनोड ने इस जीन्स की सक्रियता के नियमन के लिए ओपेरान संकल्पना (operan Concept) प्रस्तुत की। इसके लिए सन् 1965 में नोबेल पुरस्कार दिया गया।

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Escherichia coli नामक मनुष्य की आंत में पाया जाने वाला जीवाणु सामान्यत: ग्लूकोज के अपचयन से उर्जा प्राप्त करता है। जैकब एवम् मोनोड (Jacob and Monad) ने 1961 में पता लगाया कि E.Coli के DNA में तीनों जीनों का एक समूह लैक्टोज का अपचयन करने वाले तीन इन्जाइम के संश्लेषण से सम्बन्धित होता है जब पोषण माध्यम में लैक्टोज होता है तभी ये जीन सक्रीय होते है। पोषण माध्यम में लैक्टोज की अनुपस्थिति में ये निष्क्रिय रहते है। जैकब और मोनोड ने इस जीन्स की सक्रियता के नियमन के लिए ओपेरान संकल्पना (operan Concept) प्रस्तुत की। इसके लिए सन् 1965 में नोबेल पुरस्कार दिया गया।