Correct Answer:
Option C - खड़ी बोली का एक अन्य नाम `कौरवी' है। साहित्यिक भाषा बनने के बाद इसका नाम खड़ी बोली पड़ा। खड़ी बोली को ही बोलचाल की हिन्दुस्तानी, सरहिन्दी तथा वर्नाक्यूलर खड़ी बोली के नाम से जाना जाता है। इसका क्षेत्र मेरठ, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, सहारनपुर, देहरादून एवं अम्बाला जिले तक विस्तृत है। इनमें मेरठ की खड़ी बोली आदर्श एवं मानक मानी जाती है।
C. खड़ी बोली का एक अन्य नाम `कौरवी' है। साहित्यिक भाषा बनने के बाद इसका नाम खड़ी बोली पड़ा। खड़ी बोली को ही बोलचाल की हिन्दुस्तानी, सरहिन्दी तथा वर्नाक्यूलर खड़ी बोली के नाम से जाना जाता है। इसका क्षेत्र मेरठ, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, सहारनपुर, देहरादून एवं अम्बाला जिले तक विस्तृत है। इनमें मेरठ की खड़ी बोली आदर्श एवं मानक मानी जाती है।