search
Q: ‘अर्थो हि कन्या परकीय एव’ शाकुन्तले कस्येयमुक्ति:?
  • A. गौतम्या:
  • B. कण्वस्य
  • C. शाङ्र्गरवस्य
  • D. शारद्वतस्य
Correct Answer: Option B - ‘अर्थो हि कन्या परकीय एव’ शाकुन्तलम् में यह महर्षि कण्व की उक्ति है। यह चतुर्थ अङ्क का 22वाँ श्लोक है। इसमें कण्व कहते हैं कि कन्या वस्तुत: पराया ही धन होती है।
B. ‘अर्थो हि कन्या परकीय एव’ शाकुन्तलम् में यह महर्षि कण्व की उक्ति है। यह चतुर्थ अङ्क का 22वाँ श्लोक है। इसमें कण्व कहते हैं कि कन्या वस्तुत: पराया ही धन होती है।

Explanations:

‘अर्थो हि कन्या परकीय एव’ शाकुन्तलम् में यह महर्षि कण्व की उक्ति है। यह चतुर्थ अङ्क का 22वाँ श्लोक है। इसमें कण्व कहते हैं कि कन्या वस्तुत: पराया ही धन होती है।