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Q: खाद्य मिलावट की रोकथाम अधिनियम वर्ष...........में पारित किया गया।
  • A. 1951
  • B. 1952
  • C. 1953
  • D. 1954
Correct Answer: Option D - खाद्य मिलावट की रोकथाम अधिनियम वर्ष 1954 में पारित किया गया। भोजन में न खाने योग्य पदार्थ तथा निम्न श्रेणी के भोज्य पदार्थो को मिलाना जिससे कि विक्रेता को अधिक आर्थिक लाभ हो परन्तु उपभोगकर्ता को आर्थिक नुकसान के साथ ही साथ स्वास्थ्य पर भी हानिकारक प्रभाव पड़े भोजन में मिलावट (Food Adulteration) कहलाता है। उदाहरण- दूध के साथ पानी मिलाना। उत्तम खाद्य पदार्थो के साथ निम्न खाद्य पदार्थो को मिलाना जैसे- काम में ली गई चाय की पत्तियों को सुखाकर ताजी पत्तियों के साथ मिलाना, घी के साथ डालडा या तेल मिलाना, काली मिर्च के साथ पपीते के बीज मिलाना, अनाज में कंकड़ मिलाना आदि।
D. खाद्य मिलावट की रोकथाम अधिनियम वर्ष 1954 में पारित किया गया। भोजन में न खाने योग्य पदार्थ तथा निम्न श्रेणी के भोज्य पदार्थो को मिलाना जिससे कि विक्रेता को अधिक आर्थिक लाभ हो परन्तु उपभोगकर्ता को आर्थिक नुकसान के साथ ही साथ स्वास्थ्य पर भी हानिकारक प्रभाव पड़े भोजन में मिलावट (Food Adulteration) कहलाता है। उदाहरण- दूध के साथ पानी मिलाना। उत्तम खाद्य पदार्थो के साथ निम्न खाद्य पदार्थो को मिलाना जैसे- काम में ली गई चाय की पत्तियों को सुखाकर ताजी पत्तियों के साथ मिलाना, घी के साथ डालडा या तेल मिलाना, काली मिर्च के साथ पपीते के बीज मिलाना, अनाज में कंकड़ मिलाना आदि।

Explanations:

खाद्य मिलावट की रोकथाम अधिनियम वर्ष 1954 में पारित किया गया। भोजन में न खाने योग्य पदार्थ तथा निम्न श्रेणी के भोज्य पदार्थो को मिलाना जिससे कि विक्रेता को अधिक आर्थिक लाभ हो परन्तु उपभोगकर्ता को आर्थिक नुकसान के साथ ही साथ स्वास्थ्य पर भी हानिकारक प्रभाव पड़े भोजन में मिलावट (Food Adulteration) कहलाता है। उदाहरण- दूध के साथ पानी मिलाना। उत्तम खाद्य पदार्थो के साथ निम्न खाद्य पदार्थो को मिलाना जैसे- काम में ली गई चाय की पत्तियों को सुखाकर ताजी पत्तियों के साथ मिलाना, घी के साथ डालडा या तेल मिलाना, काली मिर्च के साथ पपीते के बीज मिलाना, अनाज में कंकड़ मिलाना आदि।