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Comprehension : एक गद्यांश दिया गया है। गद्यांश के आधार पर पाँच प्रश्न दिए गए है। गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ें तथा प्रत्येक प्रश्न में चार विकल्पों में से सही विकल्प चुनें। समाज के लिए समानता का अधिकार बहुत महत्वपूर्ण है। इस अधिकार का उद्देश्य कानून का शासन स्थापित करना है जहाँ पर कानून के समक्ष सभी नागरिकों के साथ समानता का व्यवहार किया जाता है। भारत में सभी लोगों को कानून का समान संरक्षण तथा कानून के समक्ष समानता उपलब्ध कराने के लिए पांच प्रावधान (अनुच्छेद 14-18) किये गये है। यह धर्म, नस्ल, जाति, लिंग या जन्म स्थान के आधार पर किसी भेदभाव पर रोक लगाता है। संविधान यह सुनिश्चित करता है कि सभी नागरिक कानून के समक्ष समान होंगे। इसका तात्पर्य यह है कि देश के कानूनों द्वारा सभी को समान संरक्षण मिलेगा। कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। इसका अर्थ है कि यदि दो व्यक्ति एक प्रकार का अपराध करते है तो उन्हें बिना किसी भेदभाव के समान दण्ड मिलेगा। राज्य धर्म, नस्ल, जाति, लिंग या जन्म स्थान के आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं करेगा। यह सामाजिक समानता के लिए आवश्यक है। भारत के प्रत्येक नागरिक की दुकान, जलपान गृह, मनोरंजन के सार्वजनिक स्थानों तक समान पहुंच होगी तथा वह कुओं, तालाबों अथवा सड़कों का प्रयोग बिना किसी भेदभाव के कर सकता है। हालांकि राज्य द्वारा महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष प्रावधान व छूट की व्यवस्था की जा सकती है। सार्वजनिक रोजगार के मामलों में राज्य के द्वारा किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जायेगा। सभी नागरिक आवेदन कर सकते हैं तथा राज्य के कर्मचारी बन सकते है। वरीयता तथा योग्यता के आधार पर रोजगार उपलब्ध होंगे। संविधान के अनुसार यह कानून क्या सुनिश्चित करता है ?