Correct Answer:
Option B - कटारमल अल्मोड़ा─यह स्थान अल्मोड़ा से लगभग 15 किमी. पाqश्चम में स्थित है। मंदिर की सूर्यर्मूित पर चन्देल गढ़वाल शैली का प्रभाव है, जबकि सप्त अश्वरथी प्रतिमा इसके सूर्य माqन्दर होने का आभास कराती है। यहाँ विष्णु की विभिन्न मुद्राएं, सूर्य नृिंसह अवतार, शिव पार्वती, लक्ष्मी नारायण, कुबेर, गणेश, महिषासुरर्मिदनी आदि की र्मूितयाँ हैं। वास्तु की दृष्टि से यह 12 वीं शताब्दी की प्रतीत होती हैं। इस मन्दिर का निर्माण 6 वीं से 9 वीं शताब्दी के कस्तूरी राजवंश के तत्कालीन शासक कटारमाल द्वारा करवाया गया।
B. कटारमल अल्मोड़ा─यह स्थान अल्मोड़ा से लगभग 15 किमी. पाqश्चम में स्थित है। मंदिर की सूर्यर्मूित पर चन्देल गढ़वाल शैली का प्रभाव है, जबकि सप्त अश्वरथी प्रतिमा इसके सूर्य माqन्दर होने का आभास कराती है। यहाँ विष्णु की विभिन्न मुद्राएं, सूर्य नृिंसह अवतार, शिव पार्वती, लक्ष्मी नारायण, कुबेर, गणेश, महिषासुरर्मिदनी आदि की र्मूितयाँ हैं। वास्तु की दृष्टि से यह 12 वीं शताब्दी की प्रतीत होती हैं। इस मन्दिर का निर्माण 6 वीं से 9 वीं शताब्दी के कस्तूरी राजवंश के तत्कालीन शासक कटारमाल द्वारा करवाया गया।