search
Q: ‘कविता करके तुलसी न लसे, कविता लसी पा तुलसी की कला’ तुलसीदास जी के लिए यह प्रशस्ति-वचन इनमें से किसका है?
  • A. अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’
  • B. जगदम्बाप्रसाद ‘हितैषी’
  • C. नाभादास
  • D. जगन्नाथदास ‘रत्नाकर’
Correct Answer: Option A - कविता करके तुलसी न लसे, कविता लसी पा तुलसी की कला’ तुलसीदास जी के लिए यह प्रशस्ति-वचन अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ का है।
A. कविता करके तुलसी न लसे, कविता लसी पा तुलसी की कला’ तुलसीदास जी के लिए यह प्रशस्ति-वचन अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ का है।

Explanations:

कविता करके तुलसी न लसे, कविता लसी पा तुलसी की कला’ तुलसीदास जी के लिए यह प्रशस्ति-वचन अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ का है।