Correct Answer:
Option A - कविता करके तुलसी न लसे, कविता लसी पा तुलसी की कला’ तुलसीदास जी के लिए यह प्रशस्ति-वचन अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ का है।
A. कविता करके तुलसी न लसे, कविता लसी पा तुलसी की कला’ तुलसीदास जी के लिए यह प्रशस्ति-वचन अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ का है।