Correct Answer:
Option A - दिये गये प्रश्न के अनुसार, जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धान्त के अनुसार यह समायोजन की अवधारणा को प्रदर्शित करता हैं। इसका उद्देश्य उस प्रक्रिया का वर्णन करना है कि हम अपने ज्ञान या स्कीमा की मौजूदा संरचनाओं में जानकारी या अनुभव कैसे जोड़ते है। जैसे-जैसे हम मौजूदा जानकारी को नई जानकारी के साथ मिलते है, हम अपनी स्कीमा का विस्तार या संशाधन करते हैं, लेकिन स्कीमा को व्यवस्थित करने के तरीके में मौलिक रूप से बदलाव नहीं करते है।
A. दिये गये प्रश्न के अनुसार, जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धान्त के अनुसार यह समायोजन की अवधारणा को प्रदर्शित करता हैं। इसका उद्देश्य उस प्रक्रिया का वर्णन करना है कि हम अपने ज्ञान या स्कीमा की मौजूदा संरचनाओं में जानकारी या अनुभव कैसे जोड़ते है। जैसे-जैसे हम मौजूदा जानकारी को नई जानकारी के साथ मिलते है, हम अपनी स्कीमा का विस्तार या संशाधन करते हैं, लेकिन स्कीमा को व्यवस्थित करने के तरीके में मौलिक रूप से बदलाव नहीं करते है।