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Q: कथन (A): शारीरिक विकास के संदर्भ में बच्चों के विकास को समझने के लिए यह जरूरी है कि बजाए एक विशिष्ट उम्र को देखने के, विकास की ‘सीमा क्षेत्र’ को देखा जाए। तर्क (R): बच्चों की वृद्धि व विकास में व्यक्तिगत भिन्नताएँ होती हैं। सही विकल्प चुनें।
  • A. (A) और (R) दोनों सही हैं और (R) सही व्याख्या करता हैं (A) की।
  • B. (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R) सही व्याख्या नहीं हैं (A) की।
  • C. (A) सही है लेंकिन (R) गलत है।
  • D. (A) और (R) दोनों गलत हैं।
Correct Answer: Option A - शारीरिक विकास के संदर्भ में बच्चों के विकास को समझने के लिए यह जरूरी है कि बजाए एक विशिष्ट उम्र को देखने के, विकास की ‘सीमा क्षेत्र’ को देखा जाए क्योंकि बच्चों की वृद्धि व विकास में व्यक्तिगत भिन्नताएँ होती है। कभी-कभी वृद्धि और विकास दोनों को पर्याय मान लिया जाता है लेकिन इनमें अंतर है। वृद्धि को मानव के कोशीय वृद्धि के संदर्भ में समझा जाता है वहीं विकास का संदर्भ वृद्धि के साथ मानव के सम्पूर्ण पक्ष में वृद्धि से है। अर्थात् विकास में वृद्धि तो निहित है ही, साथ ही साथ व्यक्ति के मानसिक, भावात्मक, सामाजिक, नैतिक आदि पक्षों में परिवर्तन से है। अत: (A) और (R) दोनों सही हैं और (R) सही व्याख्या करता है (A) की।
A. शारीरिक विकास के संदर्भ में बच्चों के विकास को समझने के लिए यह जरूरी है कि बजाए एक विशिष्ट उम्र को देखने के, विकास की ‘सीमा क्षेत्र’ को देखा जाए क्योंकि बच्चों की वृद्धि व विकास में व्यक्तिगत भिन्नताएँ होती है। कभी-कभी वृद्धि और विकास दोनों को पर्याय मान लिया जाता है लेकिन इनमें अंतर है। वृद्धि को मानव के कोशीय वृद्धि के संदर्भ में समझा जाता है वहीं विकास का संदर्भ वृद्धि के साथ मानव के सम्पूर्ण पक्ष में वृद्धि से है। अर्थात् विकास में वृद्धि तो निहित है ही, साथ ही साथ व्यक्ति के मानसिक, भावात्मक, सामाजिक, नैतिक आदि पक्षों में परिवर्तन से है। अत: (A) और (R) दोनों सही हैं और (R) सही व्याख्या करता है (A) की।

Explanations:

शारीरिक विकास के संदर्भ में बच्चों के विकास को समझने के लिए यह जरूरी है कि बजाए एक विशिष्ट उम्र को देखने के, विकास की ‘सीमा क्षेत्र’ को देखा जाए क्योंकि बच्चों की वृद्धि व विकास में व्यक्तिगत भिन्नताएँ होती है। कभी-कभी वृद्धि और विकास दोनों को पर्याय मान लिया जाता है लेकिन इनमें अंतर है। वृद्धि को मानव के कोशीय वृद्धि के संदर्भ में समझा जाता है वहीं विकास का संदर्भ वृद्धि के साथ मानव के सम्पूर्ण पक्ष में वृद्धि से है। अर्थात् विकास में वृद्धि तो निहित है ही, साथ ही साथ व्यक्ति के मानसिक, भावात्मक, सामाजिक, नैतिक आदि पक्षों में परिवर्तन से है। अत: (A) और (R) दोनों सही हैं और (R) सही व्याख्या करता है (A) की।