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Q: कथन (A): सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल एक्सेस को जीवन के अधिकार (अनुच्छेद 21) का अभिन्न हिस्सा माना है। कारण (R): डिजिटल पहुँच केवल नागरिकों के लिए एक वाणिज्यिक सेवा है। कूट :
  • A. (A) और (R) दोनों सही है और (R), (A) की सही व्याख्या करता है
  • B. (A) और (R) दोनों सही है और (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है
  • C. (A) सही है, पर (R) गलत है
  • D. (A) गलत है, पर (R) सही है
Correct Answer: Option C - डिजिटल पहुंच का अधिकार जीवन और स्वतंत्रता के अधिकार का एक अनिवार्य हिस्सा है। दिव्यांगजनों के लिए सुलभ बनाने हेतु 20 निर्देशों का एक सेट सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी किया है। आवश्यक सरकारी योजनाओं तक पहुंच: ग्रामीण-शहरी विभाजन में कमी; ऑनलाइन शिक्षण प्लेटफॉर्म्स और वित्तीय प्रौद्योगिकियों तक पहुंच; विकास प्रक्रिया में हाशिए पर रहे लोगों का शामिल होना है।
C. डिजिटल पहुंच का अधिकार जीवन और स्वतंत्रता के अधिकार का एक अनिवार्य हिस्सा है। दिव्यांगजनों के लिए सुलभ बनाने हेतु 20 निर्देशों का एक सेट सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी किया है। आवश्यक सरकारी योजनाओं तक पहुंच: ग्रामीण-शहरी विभाजन में कमी; ऑनलाइन शिक्षण प्लेटफॉर्म्स और वित्तीय प्रौद्योगिकियों तक पहुंच; विकास प्रक्रिया में हाशिए पर रहे लोगों का शामिल होना है।

Explanations:

डिजिटल पहुंच का अधिकार जीवन और स्वतंत्रता के अधिकार का एक अनिवार्य हिस्सा है। दिव्यांगजनों के लिए सुलभ बनाने हेतु 20 निर्देशों का एक सेट सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी किया है। आवश्यक सरकारी योजनाओं तक पहुंच: ग्रामीण-शहरी विभाजन में कमी; ऑनलाइन शिक्षण प्लेटफॉर्म्स और वित्तीय प्रौद्योगिकियों तक पहुंच; विकास प्रक्रिया में हाशिए पर रहे लोगों का शामिल होना है।