search
Q: पियाजे के सिद्धांत के अनुसार प्राक्संक्रियात्मक अवस्था की अवधि क्या है?
  • A. चार से आठ साल
  • B. जन्म से दो साल
  • C. दो से सात साल
  • D. पाँच से आठ साल
Correct Answer: Option C - पियाजे के अनुसार बालक का संज्ञानात्मक विकास चार अवस्थाओं से होकर गुजरता है– (i) संवेगात्मक गामक अवस्था (जन्म से 2 वर्ष तक) (ii) प्राक संक्रियात्मक अवस्था (2 वर्ष से 7 वर्ष तक) (iii) मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (7 वर्ष से 11 वर्ष तक) (iv) औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (11 वर्ष से 15 वर्ष तक) इस प्रकार प्राक संक्रियात्मक अवस्था 2 वर्ष से 7 वर्ष तक होती है।
C. पियाजे के अनुसार बालक का संज्ञानात्मक विकास चार अवस्थाओं से होकर गुजरता है– (i) संवेगात्मक गामक अवस्था (जन्म से 2 वर्ष तक) (ii) प्राक संक्रियात्मक अवस्था (2 वर्ष से 7 वर्ष तक) (iii) मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (7 वर्ष से 11 वर्ष तक) (iv) औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (11 वर्ष से 15 वर्ष तक) इस प्रकार प्राक संक्रियात्मक अवस्था 2 वर्ष से 7 वर्ष तक होती है।

Explanations:

पियाजे के अनुसार बालक का संज्ञानात्मक विकास चार अवस्थाओं से होकर गुजरता है– (i) संवेगात्मक गामक अवस्था (जन्म से 2 वर्ष तक) (ii) प्राक संक्रियात्मक अवस्था (2 वर्ष से 7 वर्ष तक) (iii) मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (7 वर्ष से 11 वर्ष तक) (iv) औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (11 वर्ष से 15 वर्ष तक) इस प्रकार प्राक संक्रियात्मक अवस्था 2 वर्ष से 7 वर्ष तक होती है।