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Q: कथन (A) : मानव अपने पूरे जीवन काल के दौरान गत्यात्मक और संज्ञानात्मक क्षेत्रों में नई ची़जें सीखने और स्मरण रखने के योग्य है। कथन (R) : एक गंभीर रूप से पीडि़त बचपन के परिणामों को बाद के वर्षों में आसानी से बदला जा सकता है। सही विकल्प चुनें।
  • A. (A) और (R) दोनों सही हैं और (R) सही व्याख्या करता है (A) की।
  • B. (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R) सही व्याख्या नहीं करता है (A) की।
  • C. (A) सही हैं लेकिन (R) गलत है।
  • D. (A) और (R) दोनों गलत हैं।
Correct Answer: Option C - मानव अपने पूरे जीवनकाल के दौरान गत्यात्मक और संज्ञानात्मक क्षेत्रों में नई चीजें सीखने और स्मरण रखने के योग्य है क्योंकि मानव की विकास प्रक्रिया निरन्तर अविराम गति से चलती रहती है तथा सीखना एक निरंतर चलने वाली सार्वभौमिक प्रक्रिया है। मानव जन्म से ही सीखना प्रारम्भ कर देता है तथा मृत्युपर्यन्त कुछ न कुछ सीखता रहता है। परिस्थिति तथा आवश्यकता के अनुरूप सीखने की गति घटती-बढ़ती रहती है तथा एक गंभीर रूप से पीडि़त बचपन के परिणामों को बाद के वर्षों में आसानी से बदला नहीं जा सकता है क्योंकि इस अवस्था की घटनाओं या कार्यों का बालक के ऊपर अमिट प्रभाव पड़ता है। अत: (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
C. मानव अपने पूरे जीवनकाल के दौरान गत्यात्मक और संज्ञानात्मक क्षेत्रों में नई चीजें सीखने और स्मरण रखने के योग्य है क्योंकि मानव की विकास प्रक्रिया निरन्तर अविराम गति से चलती रहती है तथा सीखना एक निरंतर चलने वाली सार्वभौमिक प्रक्रिया है। मानव जन्म से ही सीखना प्रारम्भ कर देता है तथा मृत्युपर्यन्त कुछ न कुछ सीखता रहता है। परिस्थिति तथा आवश्यकता के अनुरूप सीखने की गति घटती-बढ़ती रहती है तथा एक गंभीर रूप से पीडि़त बचपन के परिणामों को बाद के वर्षों में आसानी से बदला नहीं जा सकता है क्योंकि इस अवस्था की घटनाओं या कार्यों का बालक के ऊपर अमिट प्रभाव पड़ता है। अत: (A) सही है लेकिन (R) गलत है।

Explanations:

मानव अपने पूरे जीवनकाल के दौरान गत्यात्मक और संज्ञानात्मक क्षेत्रों में नई चीजें सीखने और स्मरण रखने के योग्य है क्योंकि मानव की विकास प्रक्रिया निरन्तर अविराम गति से चलती रहती है तथा सीखना एक निरंतर चलने वाली सार्वभौमिक प्रक्रिया है। मानव जन्म से ही सीखना प्रारम्भ कर देता है तथा मृत्युपर्यन्त कुछ न कुछ सीखता रहता है। परिस्थिति तथा आवश्यकता के अनुरूप सीखने की गति घटती-बढ़ती रहती है तथा एक गंभीर रूप से पीडि़त बचपन के परिणामों को बाद के वर्षों में आसानी से बदला नहीं जा सकता है क्योंकि इस अवस्था की घटनाओं या कार्यों का बालक के ऊपर अमिट प्रभाव पड़ता है। अत: (A) सही है लेकिन (R) गलत है।