Correct Answer:
Option D - सीटी बजाने से पूर्णत: घर्षणहीन पृष्ठ पर कोई भी व्यक्ति गति नहीं कर सकता, क्योंकि किसी भी प्रकार की गति के लिए घर्षण (Friction) या क्रिया-प्रतिक्रिया बल आवश्यक है। व्यक्ति की किसी पृष्ठ पर गति के प्रतिक्रिया स्वरूप उसके पैरों पर घर्षण बल या प्रतिक्रिया बल कार्य करता है। इसी आधार पर न्यूटन ने क्रिया-प्रतिक्रिया का नियम प्रतिपादित किया है। जबकि किसी तंत्र पर लगा बल उस तंत्र के संवेग परिवर्तन कि दर के बराबर होता है अत: यदि किसी तंत्र पर कोई वाह्य बल क्रियाशील नहीं है तो इसका संवेग अपरिवर्तित रहता है। अत: कथन (A) गलत है किन्तु कारण (R) सही है।
D. सीटी बजाने से पूर्णत: घर्षणहीन पृष्ठ पर कोई भी व्यक्ति गति नहीं कर सकता, क्योंकि किसी भी प्रकार की गति के लिए घर्षण (Friction) या क्रिया-प्रतिक्रिया बल आवश्यक है। व्यक्ति की किसी पृष्ठ पर गति के प्रतिक्रिया स्वरूप उसके पैरों पर घर्षण बल या प्रतिक्रिया बल कार्य करता है। इसी आधार पर न्यूटन ने क्रिया-प्रतिक्रिया का नियम प्रतिपादित किया है। जबकि किसी तंत्र पर लगा बल उस तंत्र के संवेग परिवर्तन कि दर के बराबर होता है अत: यदि किसी तंत्र पर कोई वाह्य बल क्रियाशील नहीं है तो इसका संवेग अपरिवर्तित रहता है। अत: कथन (A) गलत है किन्तु कारण (R) सही है।