Correct Answer:
Option A - भोजन जालों में विविधिता वृद्धि परिस्थितिकी तन्त्र की स्थिरता को बढ़ावा देती है क्योंकि वह पारिस्थितिकी तन्त्र की समुत्थान शक्ति को बढ़ाती है। भोजन की दृष्टि से खाद्य शृंखला में उत्पादक (पौधे), उपभोक्ता (जन्तु) एवं अपघटक (कवक एवं जीवाणु) के बीच घनिष्ठ सम्बन्ध होता है। अनेक खाद्य शृंखला के पारस्परिक सम्बन्ध को खाद्य जाल (Food Web) कहते हैं। खाद्य जाल एक संपूर्ण समुदाय के सभी जीवों में सम्बन्ध स्थापित करता है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि खाद्य जाल में ऊर्जा का प्रभाव एक दिशीय होते हुए भी कई पथों से होकर होता है।
अत: A तथा R दोनों सही है तथा R, A की सही व्याख्या है।
A. भोजन जालों में विविधिता वृद्धि परिस्थितिकी तन्त्र की स्थिरता को बढ़ावा देती है क्योंकि वह पारिस्थितिकी तन्त्र की समुत्थान शक्ति को बढ़ाती है। भोजन की दृष्टि से खाद्य शृंखला में उत्पादक (पौधे), उपभोक्ता (जन्तु) एवं अपघटक (कवक एवं जीवाणु) के बीच घनिष्ठ सम्बन्ध होता है। अनेक खाद्य शृंखला के पारस्परिक सम्बन्ध को खाद्य जाल (Food Web) कहते हैं। खाद्य जाल एक संपूर्ण समुदाय के सभी जीवों में सम्बन्ध स्थापित करता है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि खाद्य जाल में ऊर्जा का प्रभाव एक दिशीय होते हुए भी कई पथों से होकर होता है।
अत: A तथा R दोनों सही है तथा R, A की सही व्याख्या है।