Correct Answer:
Option C - बच्चों व बचपन की संकल्पना सार्वभौमिक नहीं हो सकती है क्योंकि बच्चों की व्यक्तिगत भिन्नता पायी जाती है अर्थात् उनके विकास की गति एवं दिशा भिन्न-भिन्न होती है। बच्चों व बचपन की समझ में उनके सामाजिक–सांस्कृतिक परिवेश की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सामाजिक संपर्क विद्यार्थी की संज्ञानात्मक क्षमता के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है तथा सांस्कृतिक बच्चों के बौद्धिक विकास में सहायक होती है। अधिगम बच्चे और संस्कृति के बीच परस्पर क्रिया के माध्यम से होता है। अत: (A) सही है, लेकिन (R) गलत है।
C. बच्चों व बचपन की संकल्पना सार्वभौमिक नहीं हो सकती है क्योंकि बच्चों की व्यक्तिगत भिन्नता पायी जाती है अर्थात् उनके विकास की गति एवं दिशा भिन्न-भिन्न होती है। बच्चों व बचपन की समझ में उनके सामाजिक–सांस्कृतिक परिवेश की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सामाजिक संपर्क विद्यार्थी की संज्ञानात्मक क्षमता के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है तथा सांस्कृतिक बच्चों के बौद्धिक विकास में सहायक होती है। अधिगम बच्चे और संस्कृति के बीच परस्पर क्रिया के माध्यम से होता है। अत: (A) सही है, लेकिन (R) गलत है।