Correct Answer:
Option A - महाकवि बाणभट्ट की कादम्बरी में तीन जन्मों की कथा का वर्णन है। पहले जन्म में पुण्डरीक दूसरे जन्म में वैशम्पायन तथा तीसरे जन्म में वैशम्पायन शुक नाम से जन्म लिया। इसी प्रकार पहले जन्म में चन्द्रमा दूसरे जन्म में चन्द्रापीड तथा तीसरे जन्म में शूद्रक हुआ।
A. महाकवि बाणभट्ट की कादम्बरी में तीन जन्मों की कथा का वर्णन है। पहले जन्म में पुण्डरीक दूसरे जन्म में वैशम्पायन तथा तीसरे जन्म में वैशम्पायन शुक नाम से जन्म लिया। इसी प्रकार पहले जन्म में चन्द्रमा दूसरे जन्म में चन्द्रापीड तथा तीसरे जन्म में शूद्रक हुआ।