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Q: For the preparation of Codliver oil emulsion, the ratio of oil : water: gum required is कॉडलीवर ऑयल इमल्शन की तैयारी के लिए, तेलःपानीःगोंद का आवश्यक अनुपात क्या है?
  • A. 02:02:01
  • B. 04:02:01
  • C. 01:02:01
  • D. 03:02:01
Correct Answer: Option B - कॉडलीवर ऑयल इमल्शन की तैयारी के लिए, तेल : पानी : गोंद का आवश्यक अनुपात 04 : 02 : 01 होना चाहिए। सामान्य रूप से अटलांटिक में रहने वाली कॉड मछलियों के लीवर से प्राप्त होने वाले ऑयल को कॉड लीवर ऑयल कहा जाता है। • Emulsion (पायस): जब एक द्रव (liquid) दूसरे द्रव में परिक्षेपित होकर कोलाइडी विलयन बनाता है तब इसे पायस कहते हैं। यह पायस दो प्रकार से होता है- (1) Oil in water emulsions (2) Water in oil emulsions स्थायी पायस प्राप्त करने के लिए इसमें तीसरा पदार्थ भी मिला दिया जाता है, जिसे पायसीकारक (Emulsifying agent) कहते हैं। Example- गोंद, साबुन, अपमार्जक, प्रोटीन आदि पायसीकारक का काम करते हैं। • अनेक द्रव औषधि पायस ही होती है, इस रूप में औषधि ज्यादा प्रभावकारी होती है।
B. कॉडलीवर ऑयल इमल्शन की तैयारी के लिए, तेल : पानी : गोंद का आवश्यक अनुपात 04 : 02 : 01 होना चाहिए। सामान्य रूप से अटलांटिक में रहने वाली कॉड मछलियों के लीवर से प्राप्त होने वाले ऑयल को कॉड लीवर ऑयल कहा जाता है। • Emulsion (पायस): जब एक द्रव (liquid) दूसरे द्रव में परिक्षेपित होकर कोलाइडी विलयन बनाता है तब इसे पायस कहते हैं। यह पायस दो प्रकार से होता है- (1) Oil in water emulsions (2) Water in oil emulsions स्थायी पायस प्राप्त करने के लिए इसमें तीसरा पदार्थ भी मिला दिया जाता है, जिसे पायसीकारक (Emulsifying agent) कहते हैं। Example- गोंद, साबुन, अपमार्जक, प्रोटीन आदि पायसीकारक का काम करते हैं। • अनेक द्रव औषधि पायस ही होती है, इस रूप में औषधि ज्यादा प्रभावकारी होती है।

Explanations:

कॉडलीवर ऑयल इमल्शन की तैयारी के लिए, तेल : पानी : गोंद का आवश्यक अनुपात 04 : 02 : 01 होना चाहिए। सामान्य रूप से अटलांटिक में रहने वाली कॉड मछलियों के लीवर से प्राप्त होने वाले ऑयल को कॉड लीवर ऑयल कहा जाता है। • Emulsion (पायस): जब एक द्रव (liquid) दूसरे द्रव में परिक्षेपित होकर कोलाइडी विलयन बनाता है तब इसे पायस कहते हैं। यह पायस दो प्रकार से होता है- (1) Oil in water emulsions (2) Water in oil emulsions स्थायी पायस प्राप्त करने के लिए इसमें तीसरा पदार्थ भी मिला दिया जाता है, जिसे पायसीकारक (Emulsifying agent) कहते हैं। Example- गोंद, साबुन, अपमार्जक, प्रोटीन आदि पायसीकारक का काम करते हैं। • अनेक द्रव औषधि पायस ही होती है, इस रूप में औषधि ज्यादा प्रभावकारी होती है।